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हॉलीवुड के इतिहास की 10 सबसे महंगी फ़िल्में

10. टाइटैनिक (1997) निर्देशक: जेम्स कैमरून उत्पादन की लागत: $ 200 मिलियन अमरीकी डालर 9. किंग कांग (2005) निर्देशक: पीटर जैक्सन उत्पादन की लागत: $ 207 मिलियन अमरीकी डालर 8. अवतार (2009) निर्देशक: जेम्स कैमरून उत्पादन की लागत: $ 237 मिलियन अमरीकी डालर 7. स्पेक्टर (2015) निर्देशक: सैम मेंडेस उत्पादन की लागत: $ 245 मिलियन अमरीकी डालर 6. एवेंजर्स: एज ऑफ़ अल्ट्रॉन (2015), हैरी पॉटर एंड द हाफ - ब्लड प्रिंस, Third party image reference बैटमैन बनाम सुपरमैन: डॉन ऑफ जस्टिस, द हॉबिट: बैटल ऑफ़ द फाइव आर्मीज़, द डार्क नाइट रइसेस Third party image reference निर्देशक: जॉस व्हेडन, डेविड येट्स, ज़च स्नाइडर, पीटर जैक्सन, क्रिस्टोफर नोलन उत्पादन की लागत: $ 250 मिलियन अमरीकी डालर 5. स्पाइडर मैन 3 (2007) निर्देशक: सैम राइमी उत्पादन की लागत: $ 258 मिलियन अमरीकी डालर Third party image reference 4. टेनग्लेड (2010) निर्देशक: नाथन ग्रेनो, बायरन हॉवर्ड उत्पादन की लागत: $ 260 ...
CAA (Citizenship amendment act) या नागरिकता संशोधन कानून पर देशभर में बवाल मचा है. इसका विरोध करने वाले इसे गैर संवैधानिक बता रहे है जबकि सरकार का कहना है कि इसका कोई भी प्रावधान संविधान के किसी हिस्से की अवहेलना नहीं करता है. वही इस कानून के जरिए धर्म के आधार पर भेदभाव के आरोपों पर सरकार का कहना है कि इसका किसी भी धर्म के भारतीय नागरिक से कोई लेना देना नहीं है. एनआरसी या नैशनल सिटिज़न रजिस्टर  जरिए भारत में अवैध तरीके से रह रहे घुसपैठियों की पहचान करने की प्रक्रिया पूरी होनी है. अभी यह प्रक्रिया सिर्फ असम में हुई और वहां  एनआरसी की फाइनल सूची जारी हो चुकी है असम में यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की देख रेख में पूरी हुई है।  हालांकि सरकार का कहना है की वह पुरे देश में एनआरसी लागू करेगी।  सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में लागू होने वाली एनआरसी की रुपरेखा असम की एनआरसी के मापदंडो से अलग होगी। वही इन उनलझनो के बिच देशभर में प्रदर्शन होने लगे है और कई प्रदर्शनकारियों को लगता है कि इस कानून से उनकी भारतीय नागरिकता छीन जाएगी जबकि सरकार  ने कई बार कहा है कि य...

जाने क्या है शाहीन बाग़ मामला ?

सीएए यानि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग मेँ ५० दिनों के ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन हो रहा है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने शाहीन भाग मुद्दे को जोर शोर से उठाया।  वही आदमी पार्टी इसका जिक्र करने से बचते नज़र आए।  इसका असर चुनाव के नतीजे में देखने को मिला. एक सर्वे के माध्यम से यह बात सामने आयी है की शाहीन बाग़ प्रदर्शन के बारे में 95 % मुसलमानो को पता था. जिसमे से ८३ % वोट आप को किया. वही आपको बता दे कि शाहीन बाग़ प्रदर्शन की वजह से कालिंदी कुंज नोएडा मार्ग पूरी तरह से बंद है. इससे दिल्ली , नोएडा , फरीदाबाद जाने आने वाले करीब बीस लाख से ज्यादा लोग प्रभावित है।  लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े है. उन्हें लाखो लोगो को हो रही मुसीबत के बजाय इस बात की चिंता है कि शाहीन बाग़ को फिर से गुलजार कैसे किया जाए। आपको बता दे कि शाहीन बाग़ के आस पास कई शो रूम है जहां रोज करोड़ो का कारोबार होता है. ऐसे में कारोबारियों को अब तक कई करोड़ का नुकसान हो चूका है. कारोबारियों ने बताया है उन्हें काफी नुकसान हो रहे है लेकिन प्रदर्शन का विरोध नहीं कर सकते।  अग...